26 August 2016 Murli

English

Essence: Sweet children, the Father is the sweetest Saccharine of all. Therefore, renounce everything else and remember the one Father and you too will become sweet saccharine.

Question: With what sanskar are you filling yourselves by taking shrimat from the Father?
Answer: The sanskar of ruling the whole kingdom in the future without the need of an adviser. You have come here to receive shrimat for ruling your future kingdom. The Father is giving you such shrimat that there won’t be any need for you to take advice from anyone for half the cycle. It is those whose intellects are weak who need to seek advice.

Song: You are the Mother and the Father.

Essence for dharna:
1. Fill your aprons with jewels of knowledge. Don’t have any type of doubt. Make effort to remember the Father as much as possible and become pure. Don’t go into the expansion of questions.
2. Have true love for the one Father and become sweet saccharine, the same as He is.

Blessing: May you be an embodiment of power who destroys the sanskars of weakness with the light and might of knowledge.
When you do become aware of your weak sanskars through knowledge, and when you receive the understanding of that, those sanskars are suppressed within yourself for a time. However, in order to destroy weak sanskars, there is a need for the extra force of light and might. For this, become a master almighty authority, master knowledge-full and also a checking master. Fill yourself with power through knowledge and increase your churning power and you will become full of power.

Slogan: Where there are all attainments, there is happiness.

Hindi

“मीठे बच्चे – बाप मीठे से मीठी सैक्रीन है इसलिए और सब बातें छोड़ उस बाप को याद करो तो मीठी सैक्रीन बन जायेंगे”
प्रश्न:- तुम बाप द्वारा श्रीमत लेकर अपने अन्दर कौन से संस्कार भर रहे हो?
उत्तर:- भविष्य में बिगर वजीर सारे विश्व पर राज्य करने के। तुम यहाँ आये ही हो भविष्य राजधानी चलाने की श्रीमत लेने। बाप तुम्हें ऐसी श्रीमत दे देते जो आधाकल्प तक कोई की राय लेने की दरकार नहीं। राय उन्हें लेनी पड़ती जिनकी बुद्धि कमजोर हो।
गीत:- तुम्हीं हो माता..
धारणा के लिए मुख्य सार:-
1) ज्ञान रत्नों से अपनी झोली भरनी है। किसी भी प्रकार का संशय नहीं उठाना है। जितना हो सके बाप को याद करने का पुरूषार्थ कर पावन बनना है। बाकी प्रश्नों में नहीं जाना है।
2) एक बाप से सच्ची प्रीत रख बाप समान मीठी सैक्रीन बनना है।
वरदान:- नॉलेज की लाइट माइट द्वारा कमजोर संस्कारों को समाप्त करने वाले शक्ति सम्पन्न भव
नॉलेज से अपने कमजोर संस्कारों का मालूम तो पड़ जाता है और जब उस बात की समझानी मिलती है तो वे संस्कार थोड़े समय के लिए अन्दर दब जाते हैं लेकिन कमजोर संस्कार समाप्त करने के लिए लाइट और माइट के एकस्ट्रा फोर्स की आवश्यकता है। इसके लिए मास्टर सर्वशक्तिवान, मास्टर नॉलेजफुल के साथ-साथ चेकिंग मास्टर बनो। नॉलेज द्वारा स्वयं में शक्ति भरो, मनन शक्ति को बढ़ाओ तो शक्ति सम्पन्न बन जायेंगे।
स्लोगन:- जहाँ सर्व प्राप्तियां हैं वहाँ प्रसन्नता है।

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