04 September 2015 Murli

English

Essence: Sweet children, you have to become the most elevated human beings at this elevated confluence age. The most elevated human beings are Lakshmi and Narayan.

Question: Which incognito task are you children carrying out with the Father?
Answer: Establishment of the original eternal deity religion and the deity kingdom. You are carrying out this task with the Father in an incognito way. The Father is the Lord of the Garden who is changing the forest of thorns into the garden of flowers. There’s nothing fearsome in that garden which could cause sorrow.

Song: At last the day for which we had been waiting has come.

Essence for dharna:
1. Celebrate your Godly, spiritual birthday and maintain your spiritual connection, not a blood connection. Cancel your physical, impure birthday. It should not even be remembered.
2. Prepare your bags and baggage for the future. Use your wealth in a worthwhile way to serve Bharat and make it into heaven. Give yourself your tilak of sovereignty with your own efforts.

Blessing: May you be an elevated effort-maker who does ¬golden-aged service through your golden-aged nature.
These children who do not have any alloy of jealousy, any feeling of trying to prove themselves right, of being stubborn or any old sanskars mixed into their natures are those with golden-aged natures. Elevated, effort-making children who have such golden-aged natures and the sanskars of “Yes indeed” mould themselves according to the time and service and become real gold. Let there not be the alloy of ego or feeling of being insulted mixed in service and you would then be called someone who does golden-aged service.

Slogan: Finish the questions of “Why?” and “What?” and remain constantly happy hearted.

Hindi

मुरली सार:- “मीठे बच्चे – तुम्हें इस पुरूषोत्तम संगमयुग पर ही उत्तम से उत्तम पुरूष बनना है, सबसे उत्तम पुरूष हैं यह लक्ष्मी-नारायण”
प्रश्न:- तुम बच्चे बाप के साथ-साथ कौन-सा एक गुप्त कार्य कर रहे हो?
उत्तर:- आदि सनातन देवी-देवता धर्म और दैवी राजधानी की स्थापना – तुम बाप के साथ गुप्त रूप से यह कार्य कर रहे हो। बाप बागवान है जो आकर कांटों के जंगल को फूलों का बगीचा बना रहे हैं। उस बगीचे में कोई भी खौफनाक दु:ख देने वाली चीजें होती नहीं।
गीत:- आखिर वह दिन आया आज……..
धारणा के लिए मुख्य सार:-
1) अपना ईश्वरीय रूहानी बर्थ डे मनाना है, रूहानी कनेक्शन रखना है, ब्लड कनेक्शन नहीं। आसुरी जिस्मानी बर्थ डे भी कैन्सिल। वह फिर याद भी न आये।
2) अपना बैग बैगेज भविष्य के लिए तैयार करना है। अपने पैसे भारत को स्वर्ग बनाने की सेवा में सफल करने हैं। अपने पुरूषार्थ से अपने को राजतिलक देना है।
वरदान:- गोल्डन एजेड स्वभाव द्वारा गोल्डन एजेड सेवा करने वाले श्रेष्ठ पुरूषार्थी भव
जिन बच्चों के स्वभाव में ईर्ष्या, सिद्ध और जिद के भाव की अथवा किसी भी पुराने संस्कार की अलाए मिक्स नहीं है वे हैं गोल्डन एजेड स्वभाव वाले। ऐसा गोल्डन एजेड स्वभाव और सदा हाँ जी का संस्कार बनाने वाले श्रेष्ठ पुरूषार्थी बच्चे जैसा समय, जैसी सेवा वैसे स्वयं को मोल्ड कर रीयल गोल्ड बन जाते हैं। सेवा में भी अभिमान वा अपमान की अलाए मिक्स न हो तब कहेंगे गोल्डन एजेड सेवा करने वाले।
स्लोगन:- क्यों क्या के प्रश्नों को समाप्त कर सदा प्रसन्नचित रहो।

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