Essence of murli 09-08-2017

English

” sweet child -* Now this old house is to walk with the father, so delete mamatva from this house, delete your soul.

* Praśnaḥ -* who will not leave words from the mouth of the arrogant children?

* answer :-* how to rest my mind? You can’t get out of the face of your haughty children. Body-pride speak this word because they are not the knowledge of the soul. You know the soul of God is calm.

* Conception :-* amr̥tavēlē uth knowledge knowledge to rearing. In the form of as I read and paṛhānī.

* Blessing :-* be saphalatāmūrta by the divine intellect.

* slogan :-* as yourself, the situation will become great.

Hindi

*09-08-17 हिंदी मुरली सार*

*”मीठे बच्चे -* अब यह पुराना घर छोड़ बाप के साथ चलना है इसलिए इस घर (शरीर) से ममत्व मिटाते जाओ, अपने को आत्मा निश्चय करो”

*प्रश्नः-*देही-अभिमानी बच्चों के मुख से कौन से शब्द नहीं निकलेंगे?

*उत्तर:-*मेरे मन को शान्ति कैसे मिले? यह शब्द देही-अभिमानी बच्चों के मुख से नहीं निकल सकते। देह-अभिमान वाले ही यह शब्द बोलते हैं क्योंकि उन्हें आत्मा का ज्ञान ही नहीं है। तुम जानते हो आत्मा का स्वधर्म ही शान्त है।

*धारणा:-* अमृतवेले उठ ज्ञान रत्नों का धन्धा करना है। रूप-बसन्त बन पढ़ाई पढ़नी और पढ़ानी है।

*वरदान:-*दिव्य बुद्धि द्वारा सदा दिव्यता को ग्रहण करने वाले सफलतामूर्त भव।

*स्लोगन:-*स्वयं को मेहमान समझकर रहो तो स्थिति अव्यक्त वा महान बन जायेगी।

 

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